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रिया सिंघल – युवा महिला एंटरप्रेन्योर जिसने खोज निकाला सिंगल यूज प्लास्टिक का विकल्प

इंडिया टुडे माइंडरॉक्स-2019 में एंटरप्रेन्योर रिया सिंघल ने शिरकत की.  How to Become A Billionaire सेशन के दौरान उन्होंने अपने सफर के बारे में बताया. इस सेशन को श्वेता पुंज ने संचालित किया. दिल्ली की रहने वाली रिया यूके में 10 साल काम करने के बाद भारत आकर अपने व्यवसाय की शुरुआत की.  रिया सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ मुहिम चला रहीं है. रिया ने 2009 में अपना खुद का व्यवसाय इकोवेयर शुरू किया. इकोवेयर प्लास्टिक के स्ट्रा, प्लेट, कप, कटोरे, ट्रे के विकल्प के तौर पर कम्पोस्टेबल कटलरी बेचती है जिनसे कोई नुकसान नहीं होता और ये प्राकृतिक रूप से नष्ट हो जाते हैं.

कैसा रहा सफर

अपने सफर के बारे में बताते हुए रिया ने कहा कि मैंने पिछले 10 सालों में बहुत उतार -चढ़ाव देखे हैं. उन्होंने बताया कि 2009 जब मैं भारत आई तो मैं 29 साल की थी. मैं सदर बाजार से लेकर चांदनी चौक तक जा कर लोगों को प्लास्टिक के नुकसान के बारे में समझाती थीं और कॉम्पोस्टेबल के लिए जागरुक करतीं थीं लेकिन उस समय लोगों ने मुझे नजरअंदाज कर दिया. फिर उन्होनें ग्रासरूट लेवल से इसकी शुरुआत की.  रिया को पूरा भरोसा था कि उनका आईडिया जल्द ही लोगों को पसंद आएगा.

‘ये नहीं चलेगा से यही चलेगा’

अपने सफर के बारे में बताते हुए रिया ने खुलासा किया कि कैसे गुड़गांव के एक लोकप्रिय स्टोर पर जाकर जब उन्होनें अपने नए प्रोडक्ट और कमंपोस्टबल के बारे में बताया तो उसने लेने से इंकार कर दिया.  पर उन्होंने अपने सफर को जारी रखा. जब हाल ही में पीएम नें प्लास्टिक मुक्त भारत की अपील की तो उस स्टोर का मालिक का फोन आया कि मैडम ‘अब यही चलेगा’. बहुत कम समय में रिया का बिजनेस इतना सफल हो गया कि उन्हें पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं पड़ी. रिया लगातार लोगों को सिंगल प्लास्टिक यूज से होने वाले नुकसान के बारे में जागरुक करती रहती हैं. रिया को नारी शक्ति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.

युवाओं के लिए संदेश

युवाओं को प्रेरित करते हुए रिया ने कहा कि आपमें नुकसान को फायदे में बदलने की क्षमता लानी होगी. लोग आपको हतोत्साहित करेंगे लेकिन आप अपने लक्ष्य पर डटे रहें. अपने पैरों पर खुद खड़ी हुई रिया लोगों के लिए एक मिसाल हैं कि कभी भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए. एंटरप्रेन्योर बनने की चाहत रखने वालों को रिया का संदेश है कि लगातार कोशिश करते रहें और अपना बेस्ट दें क्योंकि असफलता भी बहुत कुछ सिखाती है.

Source: Aaj Tak

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